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काजल अग्रवाल ने 30 अक्टूबर को बिजनेसमैन गौतम किचलू से बायो बबल के बीच शादी की। शादी के दूसरे दिन काजल ने अपनी वेडिंग की इनसाइड फोटोज शेयर कीं। इन फोटोज में मैरिड कपल का रॉयल अंदाज दिखाई दिया। वहीं एक खास फोटो के साथ काजल ने बताया कि उनकी कश्मीरी-पंजाबी वेडिंग में साउथ इंडियन वेडिंग की एक रस्म जीलाकर्राबेलम भी निभाई गई।
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क्या हैं जीलाकर्राबेलम और क्यों हुई ये रस्म
काजल लिखती हैं- हमारी पंजाबी-कश्मीरी शादी में हमें सिर्फ जीलाकर्राबेलम को शामिल करना था। यह रस्म मेरे उस रिश्ते के लिए जरूरी थी जो गौतम और दक्षिण भारत के साथ है। एक तेलुगु शादी में जीलाकर्राबेलम दूल्हा-दुल्हन के मिलन/विवाह का प्रतीक है। जीला कर्रा (जीरा) और बेलम (गुड़) का गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है जिसे तमालपाकु (पान के पत्ते) पर रखते हैं। यह पत्ता दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे के सिर पर रखते हैं और पुरोहित वेद मंत्रों का जाप करते हैं। इस रस्म के बाद ही दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे को देखते हैं। यह रस्म बताती है यह जोड़ी अच्छे-बुरे दोनों वक्त में एक साथ रहेगी।
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हर गेस्ट का करवाया कोविड टेस्ट
काजल ने अपनी एक और फोटो शेयर करते हुए लिखा- इस महामारी के बीच शादी की प्लानिंग बहुत बड़ा चैलेंज था। हालांकि हमने कोविड प्रोटोकॉल फॉलो किए, जिसका मतलब था कि हमने बहुत ही छोटे रूप में शादी की। सारे गेस्ट का कोविड टेस्ट करवाया और हर एक के लिए एक बबल बनाया जो हमारी खुशी में शामिल हुए। हम उन सभी के आभारी हैं जो शादी में आ सके और उनके भी जिन्होंने वर्चुअल हिस्सा लिया। हमने उन्हें बहुत मिस किया। उम्मीद करते हैं जल्द ही मिलेंगे।
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